पेट संक्रमण को बैक्टीरियल आंत्रशोथ भी कहा जाता है यह तब होता है जब
आपका पेट जीवाणु संक्रमण से प्रभावित होता है। इससे आपके पेट और आंतों में सूजन हो जाती है। आपको उल्टी, दस्त और गंभीर पेट ऐंठन जैसे
लक्षण का अनुभव होगा। यहाँ तक कि कम स्वच्छता भी पेट में संक्रमण पैदा कर सकती है। पेट में दर्द या ऐंठन, पेट फूला हुआ महसूस होना, गैस, दस्त या कब्ज रहना इस बीमारी के
सामान्य लक्षण हैं। पेट में अधिक दर्द हो या मल के साथ खून आए तो डॉक्टर को तत्काल दिखाएं। आपके द्वारा खाया गया भोजन न केवल पोषक तत्व देता है, बल्कि यह आंतों में रहने वाले जीवाणुओं को भी खिलाया जाता है। फाइबर युक्त भोजन अधिक खाएं।
पेट में इन्फेक्शन के लक्षण
पेट में दर्द महसूस करना, आंतों में सूजन महसूस करना, लगातार दस्त होना, उल्टी आना, डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाना, सिर दर्द महसूस करना आदि होते हैं
पेट का इन्फेक्शन कितने दिन में ठीक हो जाता है?
आंतो में इन्फेक्शन का इलाज जाने - यदि पेट का दर्द ज्यादा बढ़ गया
है तो डॉक्टर के पास जाना न भूलें। क्योंकि आंत के इन्फेक्शन को ठीक होने
में थोड़ा ज्यादा समय भी लग सकता है। वहीं यदि आप दवा को सही समय में खा लेते हैं तो 2-3 दिन के भीतर ही दर्द में आराम मिल सकता है। और इन्फेक्शन
भी ठीक होने लग जाता है
अल्सरेटिव कोलाइटिस के लक्षण हिंदी में,
कोलाइटिस उपचार इन हिंदी
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आंतों में इन्फेक्शन के क्या लक्षण है?पेट में दर्द या ऐंठन, पेट
फूला हुआ महसूस होना, गैस, दस्त
या कब्ज रहना इस बीमारी के सामान्य लक्षण हैं। पेट में अधिक दर्द हो या मल के साथ खून आए तो डॉक्टर को तत्काल दिखाएं। आपके द्वारा खाया गया भोजन न केवल पोषक तत्व देता है, बल्कि
यह आंतों में रहने वाले जीवाणुओं को भी खिलाया जाता है। फाइबर युक्त भोजन का सेवन
करे ।
पेट की गर्मी के लक्षण क्या है?
- उल्टी और घबराहट
- गले में जलन और पेट फूलना
- मुंह में खट्टा पानी आना
- खाना खाने के बाद खट्टी डकार
- सांस लेने में दिक्कत छाती में जलन
- महसूस होना सिर में दर्द पेट में गैस कब्ज होना
पेट में इन्फेक्शन में क्या नही खाना चाहिए?
पेट में इन्फेक्शन होने पर इन चीजों का सेवन ना करे - पेट में
इन्फेक्शन होने पर आपको ऐसी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए जो पचने में
अधिक समय लेते हैं और जिन्हें पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद नहीं माना जाता है. पेट में इन्फेक्शन होने पर पक फाइबर की अधिक मात्रा वाले फल खानसे बचना चाहिए.
पेट का इन्फेक्शन कैसे ठीक होगा?
पेट के संक्रमण का इलाज
- पेट के संक्रमण के घरेलू
उपाय: पेट संक्रमण के घरेलू इलाज के दौरान आप शरीर में पानी की कमी ना होने दें।
- उपाय: पेट संक्रमण के घरेलू इलाज के दौरान आप शरीर में पानी की कमी ना होने दें।
- पेट को दें पूर्ण आराम: कुछ घंटो के लिए साबुत खाना ना खाएं
- कुछ घंटो के लिए साबुत खाना ना खाएं पानी पिएं: जितना हो सके
उतना पानी पिएं।
- उतना पानी पिएं।
- सोच समझकर खाएं: आराम करें: संक्रमण और पानी की कमी की वजह से शरीर में कमज़ोरी आ जाती है।
पेट में इन्फेक्शन को कैसे दूर करें?
वैसे तो पेट की समस्या में फाइबर के सेवन पर जोर दिया जाता है लेकिन
पेट में इंफेक्शन होने पर फाइबर युक्त फल और सब्जी का सेवन अधिक
नहीं करना चाहिए इससे दस्त की समस्या हो सकती है। नाश्ते में यदि ओट्स का सेवन करते हैं तो उसे बंद करें। फलों में
सेब का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। हल्के और आसानी से पचने वाले आहार का सेवन करें।
आंतों के लिए कौन सी जांच होती है?
इसकी जांच क्लोनोस्कोपी से की जा सकती है। इसमें शौच के रास्ते से
बड़ी आंत में दूरबीन को दाखिल कर बीमारी की पहचान की जाती है। हैरानी की बात यह है कि आईबीडी के लक्षण बवासीर, आंतों की टीबी से मिलते-जुलते
होते हैं। इससे पहचान और इलाज थोडा कठिन होता है।
अल्सरेटिव कोलाइटिस क्या होती है ?
अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis) एक प्रकार की आंत्र रोग सूजन
(आईबीडी) है। सरल भाषा में कहें तो यह हमारे आंतों से जुड़ी बीमारी है, इसमें बड़ी आंत में सूजन और जलन
की शिकायत हो जाती है। जिसकी वजह से बड़ी आंत के मलाशय (colon) और मलनली (rectum) में छाले हो जाते है |
आंतों की गर्मी कैसे दूर करें?
तुलसी के पत्ते- इसका सेवन करने से पेट में पानी व तरल पदार्थ बढ़ने में मदद मिलती है. यह तेज मसाले व मिर्ची वाले खाने को पचाने में मदद करती है. ऐसे में पेट में अधिक एसिड बनने से बचाव रहता है.
सौंफ-इसकी तासीर काफी ठंडी होती है जो पेट को ठंडक पहुंचाती है.
पेट के अंदर गर्म क्यों लगता है?
पेट में अपच, गैस, इंफेक्शन और पित्त बढ़ने के साथ ही पेट में गर्मी (Stomach heat) महसूस होने की दिक्कत भी हो जाती है. वैसे तो गर्मी के मौसम में ज्यादा मिर्च मसाला वाला खाना खाने या ज्यादा चाय कॉफी पीने की वजह से पेट में गर्मी की दिक्कत होती है
लिवर में गर्मी हो तो क्या खाना चाहिए?
कलौंजी का तेल : यह एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है।
हल्दी : हल्दी का उपयोग भारतीय भोजन में रंग, स्वाद और न्यूट्रिएंट्स के लिए होता है।
अदरक : अदरक लिवर को ऐसे तत्व देता है जिससे इसका काम की क्षमता बढ़ जाती है।
पेट की सबसे बड़ी जांच कौन सी होती है?
एंडोस्कोपी से पेट के कैंसर की पुष्टि होती है।
आंतों में सूजन आ जाए तो क्या करना चाहिए?
आंत के सूजन को कम करने या कंट्रोल करने के घरेलू उपायों में सबसे जरूरी है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना। यह डिहाई़ड्रेशन से बचाता है। आंत के सूजन के मरीजों की सबसे बड़ी समस्या डिहाई़ड्रेशन की ही होती है। दरअसल, दस्त की वजह से उनके शरीर में जल्दी ही पानी की कमी हो जाती है।
पेट की सूजन में कौन सा फल खाना चाहिए?
- अवोकेडो ये नाशपाती के आकार के फल पोटेशियम से भरा होता है।
- केले केले पोटेशियम का बेहतर स्रोत है।
- अजमोद अपने पाचन को बढ़ाने के लिए अपने खाने में अजमोद शामिल करे।
- हल्दी सब्जियों को पीला रंग देने वाले इस मसाले में करक्यूमिन होता है.
- पुदीना
- अदरक
- शतावरी
- सौंफ
अल्सरेटिव कोलाइटिस कितने दिन में ठीक होता है?
एक से डेढ़ महीने तक पूरी तरह से ठीक हो जाता है। अल्सरेटिव
कोलाइटिस यदि गंभीर हो तो उसमें सर्जरी की जरूरत पड़ती है। आयुर्वेदिक दवाये ठीक करने के लिए कारगर मानी गयी हैं |
कोलाइटिस बीमारी में क्या परहेज करना चाहिए?
कोलाइटिस के मरीजों को फाइबर से भरपूर चीजों को खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए वीट ब्रेड, पास्ता और अनाज की बजाय आप आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप ब्राउन राइस और क्युनोवा भी खाने से बचें।
कोलाइटिस में कौन सी दवा खानी चाहिए?
आंतों की बीमारी अल्सरेटिव कोलाइटिस सीरियस प्रॉब्लम है जिसका समय
रहते इलाज जरूरी है वरना स्थिति गंभीर हो सकती है। तो अब इसके इलाज के लिए कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली दवा स्टेंटिस का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। इस दवा के सेवन से अल्सरेटिव कोलाइटिस के लक्षणों में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।
कोलाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज क्या है?
पोषक तत्व कोलाइटिस के कारण पेट में होने वाली जलन और सूजन से लड़ने में मदद कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है कि लिनोलेइक एसिड (अखरोट, जैतून का तेल, अंडे की जर्दी और नारियल के तेल जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है) ऐसे मरीजों के लिए सही है इसके अतरिक्त कुछ आयुर्वेदिक औषधियां बेहतर साबित हुई है जो ऑटो के सूजन को जड़ से खत्म कर सकती हैं | परामर्श हेतु आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करे !





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