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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं लिवर विशेषज्ञ डॉक्टर गोरखपुर देवरिया 【8860455545】 - पेट रोग विशेषज्ञ गोरखपुर देवरिया

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी अध्यन में पेट और आंतों की समस्या के बारे में जाना जाता है | यह हमारे पाचन तंत्र, उससे जुड़े अंगों और समस्याओं से सम्बंधित होता है | हमारे पाचन तंत्र का प्रमुख कार्य है खाने को पचाना और पोषक तत्वों की शरीर में आवश्यक अंगो तक पहचाना  और विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना | यह मुख्य तौर पर मुँह से लेकर मल द्वार यानी की गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से जुड़ी मेडिकल साइंस की एक शाखा है |



गैस्ट्रोएंटरोलॉजी से जुड़ी आम समस्याएं
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टर  - ऍसिड रेफ्लक्स, अल्सर, हेपेटाइटिस सी, पॉलीप्स / ग्रोथ (जो बड़ी आंत में होते हैं), पीलिया, बवासीर, मल में खून, पैंक्रियाटिटिस, कोलोन कैंसर, कब्ज़, दस्त, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, रेक्टल समस्याएं, क्रॉन डिसीज और अलसरेटिव कोलाइटिस आदि का इलाज करते है| इन बीमारियों के अनेक लक्षण हैं जैसे की - जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, कब्ज़, रेक्टल ब्लीडिंग, भूख कम लगना, वज़न कम होना और सुस्ती |

गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट क्या करते हैं ?
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के विशेषज्ञों को गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट कहा जाता है | गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट कोलोनोस्कोपी, एंडोस्कोपी, ईआरसीपी, गैस्ट्रोस्कोपी, एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड और लिवर बायोप्सी जैसे टेस्ट करते हैं | कुछ आंत और पेट के विशेषज्ञ एडवांस्ड एंडोस्कोपि, हेपटोलॉजी और क्रोन्स डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस का इलाज भी करते हैं |

कब करें गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट से बात ?
जब भी आपको किसी भी प्रकार का पेट दर्द या उससे जुड़ी समस्या हो तो एक गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट से बात करें | 50 या उससे ज़्यादा की उम्र के लोग गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट से एहतियाती कारणों की वजह से बात करते हैं, क्योंकी इस उम्र में कोलोन कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है |

उपचार करने के तरीके
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट पुरुषों और महिलाओं दोनों की बीमारियों का निदान करते हैं। टैस्ट और जाँच करने के लिए ये विभिन्न प्रकार के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं | गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट जीआई पथ और अन्य आंतरिक अंगों का परीक्षण करने के लिए, एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड करते हैं। कोलोनोस्कोपी की मदद से कोलोन कैंसर और कोलोन पोलिप्स का निदान करने में मदद करती है | ईसीआरपी की मदद से पित्ताशय की पथरी, गांठो का पता लगाया जाता है | सिग्मायडोस्कोपी की मदद से किसी प्रकार के खून के बहाव या पेट में परेशानी या लिवर बायोप्सी को चैक किया जाता है ताकि जीआई ग्रंथि में फाइब्रोसिस या सूजन का पता लगाया जा सके | कैप्सूल एंडोस्कोपी और डबल बैलून एन्टेरोस्कोपी छोटी आंत की जाँच में मदद करती हैं |

ऑनलाइन परामर्श किस प्रकार मददगार है ?
यदि किसी कारण वश कोई व्यक्ति बीमारी के लक्षणों के बावजूद डॉक्टर के पास जाने में असमर्थ है, तो ऐसे मामलों में ऑनलाइन परामर्श के ज़रिए वह व्यक्ति डॉक्टर से परामर्श कर सकता है | ऑनलाइन परामर्श के अनेक फायदें हैं जैसे की - किसी भी समय डॉक्टर से परामर्श लेना, कहीं से भी डॉक्टर से बात मुमकिन होना, डॉक्टर के क्लिनिक के बाहर घंटों इंतज़ार करने से बचना | रोज़ाना की ज़िन्दगी में होने वाले ज़्यादातर रोग ऑनलाइन परामर्श लेने से ठीक हो सकते हैं |

हमारे गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट करते हैं इनका इलाज
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) पथ के विकारों और बीमारियों का निदान करने और इलाज करने के लिए हमारे गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसमें अन्नप्रणाली, पेट, छोटी आंत, बड़ी आंत (कोलोन), और पित्त प्रणाली (लिवर, पैंक्रियास, पित्ताशय की थैली, पित्त नलिकाएं) शामिल हैं।

लिवर की समस्या - लिवर फैट को तोड़ने में मदद करता है और हमारे शरीर से विषैले पदार्थ भी बाहर निकालता है | पीलिया (पीली आँखें, त्वचा और नाखून), पेट में दर्द, गहरे रंग का पेशाब लिवर की खराब स्तिथि के कुछ सामान्य लक्षण हैं |

जी मिचलाना - जी मिचलाने के दौरान लोग बेचैनी महसूस करते हैं और इस दौरान उल्टी करने का मन भी करता है | इसके होने के कारण हैं मोशन सिकनेस, गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स, बैक्टीरियल / वायरल संक्रमण आदि | यह फ़ूड पोइसनिंग के कारण भी हो सकता है | ऐसे में एक गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट से बात करें |

कब्ज़ - कब्ज़ एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंत की गतिविधियाँ धीमी होती हैं। यह शरीर के माध्यम से मल को पारित करने में कठिनाई की विशेषता भी है। यह आमतौर पर तब होता है जब मल बहुत कठोर हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप सामान्य आंत आंदोलन की तुलना में धीमा होता है। अन्य कारणों में इरिटेबल आंत सिंड्रोम, शारीरिक गतिविधि की कमी और कम फाइबर आहार शामिल हैं। उपचार में आमतौर पर फाइबर युक्त आहार और बहुत सारे तरल पदार्थ शामिल होते हैं। यदि कब्ज बहुत दिनों से है, तो अंतर्निहित समस्याओं के बारे में अधिक जानने के लिए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श करना बेहतर है।

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