एसिडिटी क्या है?
एसिडिटी क्या है ?जब पेट की गेस्ट्रिक ग्लेंड, एसिड की मात्र बढ़ाने लगती है तो इस स्थिति को एसिडिटी (Acidity) कहते हैं। सामान्य रूप सेहमारा पेट हाइड्रोक्लोरिक एसिड का स्राव करता है जो खाने को पचाने और तोड़ने का काम करता है। जब कोई व्यक्ति एसिडिटी से जूझता है तो उसके शरीर में अपच, गैस्ट्रिक सूजन, हार्टबर्न, एसोफेगस में दर्द, पेट में अल्सर और पेट में जलन जैसे लक्षण दिखते एसिडिटी समस्या से पीड़ित लोगों को खाना खाने के बाद एसोफेगस में दर्द (गर्दन का ठीक निचला हिस्सा) और पेट में जलन व खट्टी डकारेंआने जैसे लक्षण दिखते हैं। कभी-कभी, एसिडिटी वाले लोगों को कब्ज और अपच की समस्या भी हो जाती है। अम्लता का इलाज एंटासिड और खाने की आदतों व लाइफस्टाइल में बदलाव कर किया जा सकता है। एंडोस्टिज्म नामक एक नई तकनीक भी एसिड रिफ्लक्स से राहत दे सकती है। हालांकि एसिडिटी से जल्द आराम पाने के लिए कई जबरदस्त घरेलू नुस्खे भी मौजूद हैं। उन्हें अपनाकर भी एसिडिटी से आराम मिलता है।
एसिडिटी से पीड़ित लोगों को खाना खाने के बाद एसोफेगस में दर्द (गर्दन का ठीक निचला हिस्सा) और पेट में जलन व खट्टी डकारें आने जैसे लक्षण दिखते हैं। कभी-कभी, एसिडिटी वाले लोगों को कब्ज और अपच की समस्या भी हो जाती है। अम्लता का इलाज एंटासिड और खाने की आदतों व लाइफस्टाइल में बदलाव कर किया जा सकता है। एंडोस्टिज्म नामक एक नई तकनीक भी एसिड रिफ्लक्स से राहत दे सकती है। हालांकि एसिडिटी से जल्द आराम पाने के लिए कई जबरदस्त घरेलू नुस्खे भी मौजूद हैं। उन्हें अपनाकर भी एसिडिटी से आराम मिलता है।
- हाई एसिडिटी के बारे में
- हाइपर एसिडिटी की अंग्रेजी दवा के बारे में
- हाइपर एसिडिटी के लिए आयुर्वेदिक दवा के बारे में
- हाइपर एसिडिटी के लक्षण और उपाय
- हाइपर एसिडिटी के घरेलू उपाय
- गले में एसिडिटी और उपचार
- लिवर एसिडिटी का बचाव एवं उपचार
- खून में एसिडिटी बचाव एवं उपचार
एसिडिटी के लक्षण उपाय और बचाव
- सीने में जलन जो भोजन करने के बाद कुछ घंटो तक लगातार रहती है।
- खट्टी डकारों का आना कई बार डकार के साथ खाने का टुकड़ा भी गले तक आता है।
- अत्यधिक डकार आना और मुँह का स्वाद कड़वा होना
- पेट फूलना
- मिचलाहट होना एवं उल्टी आना
- गले में घरघराहट होना
- साँस लेते समय दुर्गन्ध आना
- सिर और पेट में दर्द
एसिडिटी का परमानेंट इलाज
एसिडिटी के कारण क्या हैं?
- नॉन वेजिटेरियन और स्पासी फूड का सेवन
- स्मोकिंग और एल्कोहल का सेवन
- तनाव लेना
- पेट की बीमारियां जैसे पेप्टिक अल्सर, गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग, पेट में मरोड़, आदि।
- नॉन-स्टेरायडल एंटी इन्फ्लामेट्री ड्रग जैसी दवाओं का सेवन करने पर , आदि।
बहुत ज्यादा एसिडिटी बनने पर क्या करें?
- लम्बे समय से एसिडिटी है तो..?
- अदरक के टुकड़े को काला नमक छिड़ककर चूसें।
- अदरक को पानी के साथ उबालकर भी पी सकते हैं।
- आंवले को काले नमक के साथ या उबालकर या फिर मुरब्बे अथवा जूस के रूप में ले सकते हैं।
- भोजन के बाद तुलसी की कुछ पत्तियां चबाएं या फिर गर्म पानी में डालकर इसका सेवन करें।
- दूध की चाय के बजाय हर्बल चाय पिएं।
एसिडिटी बढ़ने से क्या होता है?
लक्षण - आमतौर पर भोजन का पाचन सही से नहीं होना, बगैर किसी मेहनत के ज्यादा थकावट महसूस होना, कड़वी तीक्ष्ण खट्टी डकार आना, शरीर में भारीपन सा होना, हृदय के पास या पेट में जलन होना, कभी-कभी उल्टी होना, उल्टी में अम्ल या खट्टे पदार्थ का निकलना, मिचली होना और मुंह से खट्टा पानी आना, सिरदर्द, आंखों में जलन, जीभ का लाल होना जैसे लक्षण हाइपर एसिडिटी में सामने देखने तो मिलते हैं
हाइपर एसिडिटी होने पर क्या नहीं खाना
चाहिए?
- कॉफी और कार्बोनेटेड ड्रिंक जैसे शराब, सोडा, चाय का सेवन बंद कर देना चाहिए
- मसालेदार भोजन भी एसिडिटी की समस्या से ग्रसित रहने वालों के लिए अच्छा नहीं होता
- फैट और तेल से भरपूर पदार्थ का नेचर एसिडिक होता है
जाने कारण पेट में एसिड ज्यादा क्यों
बनता है?
अक्सर गलत भोजन करने के कारण ये समस्या पैदा होती है. अधिक मिर्च और मसालों वाला भोजन लगातार करने से यह दिक्कत होती हैं इसके साथ ही नॉनवेज, शराब और सिगरेट का सेवन, दर्द निवारक दवाओं और चाय काफी अधिक पीने से भी एसिड बढ़ता है. सही समय पर भोजन करने से भी एसिड बनता है. गलत जीवन शैली से भी कभी कभी यह समस्या होती है.
एसिडिटी कितने दिन में ठीक होती है?
आंवला में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है, जिससे पाचन प्रक्रिया में मदद मिलती है. पेट की किसी भी समस्या का इलाज आंवला ही है. रोज 5-6 आंवलों का सेवन करने से पेट से संबंधित समस्याएं ठीक होती हैं.
आयुर्वेदिक डॉक्टर फॉर हाइपर एसिडिटी देवरिया उत्तरप्रदेश
GASTROENTEROLOGIST DEORIA TOLL-FREE NUMBER
जाने हाइपर एसिडिटी के क्या लक्षण
होते हैं?
हाइपर एसिडिटी की हो जाएगी छुट्टी, आयुर्वेद में एसिडिटी का है कारगर इलाज
हाइपर एसिडिटी के लक्षण
- खट्टी डकारें आना
- पेट और गले में जलन होना
- खाना खाने की इच्छा नहीं होना
- खाना खाने के बाद उल्टी या मिचली आना
- कभी कब्जियत होना, कभी दस्त होना
- भूख नही लगना अम्लपित्त के प्रमुख कारण हैं
एसिडिटी और एसिड में क्या अंतर है?
आमतौर पर लोग गैस और एसिडिटी को एक ही
मान लेते हैं लेकिन दोनों में बहुत ज्यादा अंतर है. जब हम खाना खाते हैं, तो पेट में भोजन का अवशोषण होता है.
यानी उससे पोषक तत्वों को शरीर के लिए निकाला जाता है. इस प्रक्रिया में कई तरह के
एसिड बनते हैं.
पेट में तेजाब बनने के क्या लक्षण है?
पेट में तेजाब बनने के लक्षण
इस समस्या के होने पर आपको छाती, पेट या गले में दर्द और जलन, पेट फूलना या गैस बनना, खट्टी डकार, बदबूदार सांस, कब्ज, मतली या उल्टी की भावना, खाने के बाद पेट में भारीपन और मुंह में खाना वापस आना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
एसिडिटी में कौन सा फल खाना चाहिए?
-फलों को ज्यादा से ज्यादा खाएं जैसे की सेब, केला, पपीता, अनार, नासपाती आदि। -हरी सब्ज़ियों को रोज खाएं। ये आपके पेट की समस्या को दूर करने में सहयता करेगी। जैसे कि लौकी, बीन्स, तरोई, करेला, पालक,बथुआ आदि।
पेट में अम्ल कैसे बनता है?
हमारे अनियमित खान पान के कारण एसिडिटी हो सकती है. अधिक तले हुऐ खाद्य पदार्थ भी एसिडिटी का कारण बन सकते हैं. वसा भोजन को आंतों तक जाने की गति को धीमा कर देती है. इससे पेट में अम्ल बनने लगता है और एसिडिटी हो जाती है
एसिड रिफ्लक्स में क्या खाना चाहिए?
- एसिड रिफ्लक्स डाइट चार्ट - Acid Reflux Diet Chart in Hindi
- ओटमील, हरी सब्जियां, अजवाइन, और शतावरी बनाने वाले गैर-एसिड भाटा का सेवन करें।
- 7 से कम PH स्तर वाले भोजन खाएं, जैसे केला, तरबूज, ब्लूबेरी, सेब, और मकई।
- चिकन, मछली, टर्की, या समुद्री भोजन जैसे बेक्ड, ग्रील्ड, या कम ताला हुआ मांसाहारी भोजन (कभी भी तला हुआ) न खाएं।
एसिडिटी में कौन सी दवा लेनी चाहिए?
ये हैं वो 5 चीजें जिनके इस्तेमाल से
आप बिना दवा लिए भी एसिडिटी की प्रॉब्लम से छुटकारा पा सकते हैं.
- अजवायन एसिडिटी हो जाने पर अजवायन का उपाय बहुत कारगर होता है. ...
- आंवला अगर आपको अक्सर एसिडिटी की शिकायत रहती है तो आंवला खाना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा.
- तुलसी की पत्तियां तुलसी एक औषधि है.
- जीरा ...
- हल्दी
हाइपर एसिडिटी के लिए आयुर्वेदिक दवा
कौन सी है ?
आयुर्वेद मेंइसका इलाज संशमन और संशोधन दो प्रकार सेकिया जाता है। संशमन चिकित्सा मेंऔषधियों का प्रयोग किया जाता है और संशोधन मेंपंचकर्मद्वारा इसका इलाज किया जाता है। इन सभी औषधियों का प्रयोग बिना चिकित्सक के परामर्शके बिल्कुल नही करना चाहिए।
- अविपत्तिकर चूर्ण
- सुतशेखर रस
- कामदुधा रस
- मौक्तिक कामदुधा
- अमलपित्तान्तक रस
- अग्नितुण्डि वटी
- फलत्रिकादी क्वाथ पंचकर्मचिकित्सा मेंइसका इलाज़ वमन चिकित्सा द्वारा किया जाता है जिससेइस रोग सेपूर्णरूप सेमुक्ति मिल जाती है।
हाइपर एसिडिटी की होम्योपैथिक दवा क्या हैं ?
· China 30 – फल सहन नहीं होता है, भोजन के बाद सीने में दर्द, पेट में गैस, छाती के बीच में गोला जैसे पदार्थ धक्का दे कर ऊपर आता है।
· Carbo veg 30 – जो शराब पीने, रात में जागने आदि के कारन अजीर्ण से बीमार हैं, पेट खराब होने के कारन शिर घूमता है, पेट में गैस, कब्ज होता है, पित्त डकार।
· Lycopodium 30 – पुराना अपच, खाना आसानी से हजम नहीं होता, तरल पदार्थ पीने के अलावा और कुछ खाने से पेट में दर्द होता है, पेट की सूजन, पेट में गैस (gas), ढकार पूरा नहीं होता है, मुंह में पानी उठता है। यह पेट में गैस की रामबाण होम्योपैथिक दवा है।
· Emblica off Q – एसिडिटी के कारण सिर में दर्द, खास करके दोपहर में खाने के बाद पेट दर्द, पेट में गैस।
· Robinia Q – मुंह में खट्टा पानी आता है,उल्टी खट्टा और दांत भी खट्टा होता है, हाइपर एसिडिटी (acidity)।
· Iris Vers Q – मुंह में ,पेट में आग जैसे जलन, मुंह से लार गिरती है, घानी आठवीं उल्टी, एसिड और पित्त की उल्टी, हाइपर एसिडिटी (acidity), सभी भोजन नाराज़ागी है।
·
Natrum Phos 30 – खट्टा डकार, खट्टा उल्टी,स्वाद खट्टा, पेट में सूजन, खट्टा बदबूदार मल।
·







0 Comments